बधाई हो रिश्ता आया है,
लड़की के मां बाप के मन में उम्मीद जगाया है।
लड़का इंजीनियर है,
उनके यहां से मां बहन और पिता आया है।
पानी लीजिए, चाय लिजिए,
हमे थोड़ा मेहमान नवाजी का मौका दीजिए।
नहीं नहीं बस अब रहने दीजिए,
जरा अब अपनी बिटिया को बुलवाइए।
नाम क्या है बेटा बताओ,
सरमाओं मत, हमे अपना ही समझो।
कहां तक पढ़ी हो, क्या क्या जानती हो,
अपने बारे में विस्तार से बताओ।
खाने में क्या क्या बना लेती हो,
मां ना हो तो रसोई संभाल लेती हो?
नान वेज तो खाती हो ना,
नए नए व्यंजन बना लेती हो?
रुचि क्या है तुम्हारा,
खाली समय पर क्या करती हो।
मां बाप को समय देती हो ?
या सारा दिन मोबाइल चलाती हो।
गाना सुनती हो, चलो हमे कुछ सुना दो,
सैंडल खोलो, ऊंचाई मिला लेने दो।
कढ़ाई बुनाई तो मां सिखाई होगी,
हो सके तो हाथ का कुछ बना दिखा दो।
पढ़ने का शौक है, आगे भी पढ़ना है क्या?
पढ़ लिख कर नौकरी करना है क्या?
बेटा मेरा इंजीनियर है, और तुम भी जॉब करोगी,
जैसे बहु हमारा ख्याल रखेगी, और कोई रखेगा क्या?
घर में लड़ाई झगडे तो होते है,
छोटी छोटी बातों पर लोग उलझते है।
कभी हो जाए किसी से तनाव तो,
तुम जानती हो कैसे उस वक्त संभालते है?
हां हम है मॉडर्न ख्यालों वाले,
फिर भी तुम्हें खानदानी तौर तरीके सिखाएंगे।
तुम उस वक्त क्या करोगी?
जब हम तुम पर गुस्सा करेंगे और डाटेंगे।
शादी तो अपनी मर्जी से कर रही हो ना,
जबरन नहीं करवा रहा है ना परिवार।
नए घर, नए समाज में जाने को,
क्या तुम हो चुकी हो पूरी तरह तैयार?
ठीक है अब तुम जाओ,
सारी पहन कर जल्दी से आना।
देखे तुम सारी में कैसी लगती हो,
तैयार होने में ज्यादा वक्त ना लगाना।
लड़की आपकी ठीक है,
अब हमे इजाजत दीजिए।
कुछ दिन में सोच विचार कर,
जवाब देंगे, इंतजार कीजिए।
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